चुनौतियों को पार करना आसान नहीं, सफल हुए तो भाजपा को मिलेगी भारी मजबूती
लुधियाना 30 मई
दिनेश मौदगिल
पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने अपनी तैयारी पूरी तरह से शुरू कर दी है और केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रधान नियुक्त कर दिया गया है। नवनियुक्त प्रधान की नियुक्ति से भाजपा कार्यकर्ताओं में पूरी तरह से जोश भर गया है। भाजपा जो प्रधानगी या सीएम चयन में ज्यादातर चौंकाने वाले निर्णय लेती है और इसी तरह से इस बार पंजाब प्रधानगी को लेकर केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रधान लगाकर सबको चौंका दिया। वहीं दूसरी ओर भाजपा हाई कमान पंजाब में अपनी सरकार बनाने लिए भी अपना पूरा दमखम लगाने के मूड़ में दिखाई दे रही है। चर्चाओं के मुताबिक इस बार पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए गृहमंत्री अमित शाह खुद पंजाब की कमान संभाल रहे हैं। इसी के चलते केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रधान बनाया गया है। मगर पंजाब में भाजपा को मजबूत करने के लिए और चुनावों में जीत हासिल करने के लिए नए प्रधान के सामने कई चुनौतियां हैं। हालांकि इन चुनौतियों को पार करना उनके लिए इतना आसान नहीं होगा और अगर ढिल्लों इन चुनौतियों पर सफलता हासिल कर लेते हैं तो पंजाब में भाजपा पूरी मजबूत हो सकती है।
बैठाना होगा नए पुराने नेताओं में तालमेल: पंजाब भाजपा के नए प्रधान केवल सिंह ढिल्लों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पंजाब भाजपा के नए और पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं में आपसी तालमेल कायम कर एकजुट करना होगी। चर्चाओं के मुताबिक पंजाब भाजपा में इस बात की कमी चलती रही है। हालांकि यहां यह वर्णनीय है कि भाजपा के नए पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं के कारण ही मार्च महीने में गृहमंत्री अमित शाह की मोगा रैली के इक्कठ ने साबित किया था कि पंजाब में भाजपा का काफी आधार बढ़ रहा है और अब भाजपा हाई कमान को इस ओर विशेष ध्यान देना होगा कि नए पुराने कार्यकर्ताओं में तालमेल पूरी तरह रहना चाहिए।
मेहनती और युवा कार्यकर्ताओं को लाना होगा आगे: वहीं प्रदेश प्रधान ढिल्लों को पार्टी के मेहनती और जनता में आधार रखने वाले कार्यकर्ताओं को आगे लेकर आना होगा और जनता में बिना आधार वाले और सिफारशी नेताओं को पीछे कर उनकी जगह मजबूत और जनता में आधार वाले नेताओं को अपनी टीम में शामिल करना होगा। इसके साथ साथ मेहनती युवा चेहरों को आगे लाकर युवा वर्ग को मजबूत करना भी उनके सामने एक बड़ी चुनौती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बनानी होगी लहर: पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा काफी कमजोर है इस लिए नए पंजाब भाजपा चीफ को ग्रामीण इलाकों में भाजपा को मजबूत बनाना भी एक बड़ी चुनौती है। इस चुनौती को पार कर ग्रामीण इलाकों में भी भाजपा की लहर बनानी होगी। ताकि पंजाब विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपना परचम लहरा सके।