
लुधियाना: गुरु अंगद देव वेटरनरी और एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (GADVASU), लुधियाना द्वारा आयोजित किया जाने वाला ‘पशुपालन मेला’ समाज के हर आयु वर्ग के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए एक शानदार प्रदर्शनी होगी। कुलपति डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल ने मेले के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह मेला न केवल किसानों के लिए, बल्कि हर नागरिक के लिए आकर्षण का विषय होगा।
20 और 21 मार्च को होने वाले इस मेले के बारे में उन्होंने बताया कि इसमें हर वर्ग, उम्र और स्वभाव के लोगों के लिए विभिन्न वस्तुएं और प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा, “इस बार के मेले का विषय ‘पशुपालन: पारंपरिक से वैश्विक स्तर तक’ रखा गया है। इसके तहत हम अपने पारंपरिक ढांचे की खूबियों को साथ लेकर वैश्विक सोच, आधुनिक जरूरतों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाने का संकल्प रखते हैं।”
बच्चों और विद्यार्थियों के लिए विशेष
डॉ. गिल ने बताया कि बच्चों की रुचि के लिए मेले में गाय, भैंस, भेड़, बकरी, खरगोश और मछलियां जैसे जीव होंगे। शहरी बच्चे यहाँ एक खुले ग्रामीण माहौल का अनुभव कर सकेंगे। जिन स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से जीव विज्ञान या ग्रामीण संस्कृति की पढ़ाई करवाई जाती है, उन विद्यार्थियों को यहाँ कई नई जानकारियां और देखने योग्य चीजें मिलेंगी।
पालतू जानवरों के शौकीनों और किसानों के लिए सुविधाएं
निदेशक प्रसार शिक्षा, डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल ने बताया कि घरों में कुत्ता या बिल्ली जैसे पालतू जानवर रखने वाले मालिकों के लिए भी यह मेला विशेष होगा। विशेषज्ञ मौके पर ही जानवरों के बेहतर पालन-पोषण, आहार और टीकाकरण की जानकारी देंगे।
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नि:शुल्क जांच: किसान अपने पशुओं के खून, गोबर, मूत्र और दूध की जांच के लिए नमूने ला सकते हैं। मेले के दौरान दूध और फीड की जांच के लिए विशेष कैंप लगाया जाएगा, जिसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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मत्स्य पालन: सजावटी मछलियों को रखने और पालने के शौकीनों के लिए विशेष जानकारी उपलब्ध होगी। फिशरीज कॉलेज के विशेषज्ञ मत्स्य पालन के व्यवसाय से जुड़ी हर तरह की जानकारी देंगे।
महिलाओं और खान-पान के शौकीनों के लिए आकर्षण
डॉ. ग्रेवाल ने बताया कि जो महिलाएं पशुपालन व्यवसाय में हाथ बटाती हैं या पूर्ण रूप से इसमें कार्यरत हैं, वे पशु उत्पादों के नए और बेहतर उपयोगों पर विशेषज्ञों से चर्चा कर सकती हैं। डेयरी और फूड साइंस टेक्नोलॉजी कॉलेज द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को चखने और उन्हें बनाने के तरीके सीखने का यह एक बेहतरीन अवसर है।
खाने-पीने के शौकीनों के लिए मीठा दूध, लस्सी, दही, मीट पैटीज़, मीट कोफ्ता, मीट का अचार, कम वसा वाला पनीर और मीट कटलेट्स जैसे शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजन विशेष आकर्षण होंगे।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता
मिलावटी दूध की पहचान और जांच के बारे में भी मेले में शिक्षित किया जाएगा। यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार की गई ‘दूध जांच किट’ भी बिक्री के लिए उपलब्ध होगी ताकि आम नागरिक अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो सकें।
युवाओं और उद्यमियों के लिए अवसर
मेले में कम पूंजी के साथ अपना व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक युवाओं और किसानों के लिए वैज्ञानिक और बैंक अधिकारी ऋण एवं सहायता संबंधी जानकारी देंगे। इसके अलावा, खाद्य पदार्थों को शुद्ध और तेजी से तैयार करने वाली आधुनिक मशीनरी का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
यूनिवर्सिटी द्वारा पशु रोगों और नए रोजगार के प्रशिक्षण से संबंधित साहित्य भी उपलब्ध कराया जाएगा। पशुपालक मासिक पत्रिका ‘वैज्ञानिक पशुपालन’ के लिए अपना पंजीकरण भी करवा सकेंगे।