लुधियाना। जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, लुधियाना द्वारा जिला कचहरी और उप-मंडल स्तर (जगराओं, खन्ना, समराला और पायल) पर नेशनल लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस अदालत में लंबित और प्री-लिटिगेटिव मामलों को सुलझाने के लिए लोगों ने भारी उत्साह दिखाया।
विशाल स्तर पर मामलों का समाधान
राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) के दिशा-निर्देशों और जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष मैडम हरप्रीत कौर रंधावा की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत में रिकॉर्ड सफलता मिली।
डॉ. अमनदीप, सचिव, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी ने जानकारी दी कि:
कुल 1,04,805 मामलों का निपटारा किया गया।
लगभग 86,60,76,724/- रुपये के अवार्ड (मुआवजा/निपटान राशि) पारित किए गए।
माननीय जस्टिस कीर्ति सिंह द्वारा वार्षिक निरीक्षण
इस अवसर पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की माननीय जज और लुधियाना सत्र संभाग की निरीक्षण न्यायाधीश जस्टिस कीर्ति सिंह ने जिला कचहरी का वार्षिक निरीक्षण किया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें ईमानदारी व लगन से काम करने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान उनके साथ जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरप्रीत कौर रंधावा, डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विपिन सगड़ भी मौजूद रहे।
इन मामलों का हुआ निपटारा
लोक अदालत के लिए जिला स्तर पर 53 और उप-मंडल स्तर पर 12 बेंचों का गठन किया गया था। इनमें निम्नलिखित श्रेणियों के मामले सुलझाए गए:
क्रिमिनल कंपाउंडेबल केस (शमनीय अपराध)
चेक बाउंस (138 NI Act)
मोटर दुर्घटना दावा (MACT)
वैवाहिक विवाद और पारिवारिक मामले
बिजली, पानी के बिल और रिकवरी केस
वेतन और भत्तों से संबंधित मामले
लोक अदालत के लाभ
सीजेएम-सह-सचिव डॉ. अमनदीप ने बताया कि लोक अदालत के फैसले आपसी समझौते पर आधारित होते हैं, जिससे समाज में भाईचारा बढ़ता है। सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है और इसके फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती, जिससे मामला हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।