कृषि मशीनों पर 50 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी — किसान 24 अप्रैल तक करें आवेदन
लुधियाना : मुख्य कृषि अधिकारी लुधियाना डॉ. गुरदीप सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष जिले में फसल अवशेष (पराली) जलाने की घटनाओं में वर्ष 2023 की तुलना में 87 प्रतिशत और 2024 की तुलना में 34 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जो पंजाब के अन्य कई जिलों की तुलना में अधिक है। उन्होंने बताया कि यह सफलता किसानों के सहयोग, सब्सिडी के तहत उपलब्ध करवाई गई लगभग 9000 से अधिक कृषि मशीनों और कृषि विभाग द्वारा बड़े स्तर पर चलाए गए जागरूकता अभियानों के कारण संभव हो सकी है।
इसी क्रम में पंजाब सरकार द्वारा इस वर्ष भी फसल अवशेष जैसे धान की पराली आदि के प्रबंधन में सहायक कृषि मशीनों पर सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इसके लिए जिले के किसानों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। किसान कृषि विभाग के पोर्टल agrimachinerypb.com पर ऑनलाइन माध्यम से 24 अप्रैल 2026 शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक इस योजना का लाभ उठाएं, ताकि लुधियाना जिले में पराली जलाने की प्रथा को पूरी तरह समाप्त किया जा सके और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए किसान संबंधित ब्लॉक कृषि अधिकारी/सहायक कृषि इंजीनियर (उपकरण) या मुख्य कृषि अधिकारी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि पराली प्रबंधन के लिए उपयोगी मशीनों जैसे बेलर, रेक, हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर, सुपर सीडर, जीरो टिल ड्रिल, रिवर्सिबल प्लाऊ, पैडी स्ट्रॉ चॉपर/श्रेडर/मल्चर, क्रॉप रीपर, श्रब मास्टर/रोटरी स्लैशर तथा कंबाइन पर लगने वाला सुपर एसएमएस आदि मशीनों की खरीद पर 50 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक या योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार सब्सिडी दी जाएगी। इस संबंध में नियम और शर्तें पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
सहायक कृषि इंजीनियर लुधियाना इंजीनियर अमनप्रीत सिंह घेई ने बताया कि आवेदन करते समय किसानों के पास आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र आदि की स्कैन कॉपियां होना अनिवार्य है। किसान कस्टम हायरिंग सेंटर या पैडी स्ट्रॉ सप्लाई चेन योजना के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
डॉ. गुरदीप सिंह ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद विभाग के निर्देशानुसार आवश्यकता पड़ने पर ड्रॉ सिस्टम के माध्यम से पात्र आवेदकों का चयन किया जाएगा। चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र पोर्टल के माध्यम से जारी किए जाएंगे, जिसके बाद वे निर्धारित समय के भीतर विभाग द्वारा अनुमोदित और पोर्टल में दर्ज किसी भी मशीन निर्माता या डीलर से मशीन खरीद सकेंगे।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आवेदन करने के लिए कृषि विभाग से निरंतर संपर्क बनाए रखें और किसी भी समस्या की स्थिति में विभागीय कार्यालयों से संपर्क करें। साथ ही उन्होंने किसानों से यह भी आग्रह किया कि वे पहले से उपलब्ध मशीनों का अधिकतम उपयोग कर पराली प्रबंधन करें और पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में सहयोग दें।