लुधियाना, 16 मार्च
दिनेश मौदगिल
भाजपा की ओर से 14 मार्च को पंजाब के मोगा में आयोजित की गई बदलाव रैली में देश के गृह मंत्री अमित शाह ने जिस अंदाज़ से जनसभा को संबोधित किया उससे भाजपा कार्यकर्ताओं में पूरी तरह से जोश भर गया और इस रैली ने पंजाब में भाजपा का कद बढ़ाया है। ऐसा कार्यकर्ताओं का जोश साबित करता है। लोगों में चर्चा है कि अभी तक पंजाब में भाजपा का एक सीमित आधार ही था मगर इस रैली के जोश ने भारतीय जनता पार्टी को पंजाब में एक नई दिशा प्रदान करने की शुरुआत की है। विभिन्न चर्चाओं के मुताबिक इस रैली में लगभग एक लाख लोग शामिल हुए। पंजाब के विभिन्न जिलों से भारी संख्या में बसों और कारों द्वारा लोग इस रैली में पहुंचे। जहां कार्यकर्ताओं की भारी संख्या ने रैली के जोश को बढ़ाया वहीं देश के गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन ने रैली में पूरी तरह से जोश भर दिया। कुल मिलाकर यह रैली पंजाब में भाजपा को एक नई दिशा की ओर ले जाएगी।
अब रैली के जोश को आगे बढ़ाने की जिम्मेवारी
लोकसभा चुनाव में चली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लहर के कारण पंजाब भाजपा में एक अच्छी लहर बनी और अगर बात करें महानगर लुधियाना की तो उस समय इस जिले में भाजपा उम्मीदवार रवनीत सिंह बिट्टू ने मोदी की लहर के चलते पांच विधानसभा हल्कों में बढ़त हासिल की थी, मगर इसके बाद नगर निगम चुनाव में भाजपा को जहां इस लहर को कायम रखते हुए नगर निगम में अपना हाउस बनाना चाहिए था, वहीं भाजपा नए पुराने नेताओं की आपसी राजनीति में फंसकर फ्लॉप हो गई थी। अब देखना यह है कि मोगा में हुई अमित शाह की रैली से पंजाब के कार्यकर्ताओं में जो जोश आया है और राजनीतिक विशेषज्ञ इस रैली को पंजाब की राजनीति में समीकरण बदलने वाली रैली के तौर पर देख रहे हैं। अब देखना है कि क्या आने वाले समय में पंजाब भाजपा इस जोश को आगे बढ़ा पाएगी और क्या पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में चुनाव परिणामों में इसका असर दिखाई देगा।
हाई कमान को बैठाना होगा नए पुराने नेताओं में तालमेल
इस रैली में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं के मुताबिक रैली को देखते हुए लगा है कि पंजाब में भाजपा काफी मजबूत हुई है। यहां यह वर्णनीय है कि भाजपा के नए पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं के कारण ही मोगा रैली के इक्कठ ने साबित कर दिया कि पंजाब में भाजपा का काफी आधार बढ़ रहा है और अब भाजपा हाई कमान को इस ओर विशेष ध्यान देना होगा कि नए पुराने कार्यकर्ताओं में तालमेल पूरी तरह रहना चाहिए। आगामी समय में मेहनती और जनता में आधार रखने वाले नेताओं को ही आगे लाना चाहिए और सिफारशी नेताओं और जनता में ना मात्र आधार रखने वाले नेताओं को पीछे करके काबिल लोगों को ही आगे लाना होगा।