आप में अंदरूनी कलह चरम पर, नेता छोड़ रहे पार्टी
लुधियाना
दिनेश मौदगिल
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला अध्यक्ष रजनीश धीमान ने स्थानीय भाजपा कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष इस कदर बढ़ चुका है कि उसके नेता और सांसद लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं, जो उसके कमजोर होते संगठन की साफ तस्वीर पेश करता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आप के सात राज्यसभा सांसदों का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। “जब अपने ही लोग पार्टी में घुटन महसूस करने लगें और बाहर का रास्ता चुनें, तो यह किसी भी संगठन के लिए गंभीर चेतावनी होती है,” उन्होंने कहा। धीमान ने दावा किया कि इन सांसदों में से कई ने भाजपा की नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए पार्टी का दामन थामा है। उनके मुताबिक, भाजपा अपनी स्पष्ट नीति, सिद्धांत और कार्यशैली के कारण लगातार अन्य दलों के नेताओं को आकर्षित कर रही है।
गद्दार’ बयान पर केजरीवाल पर पलटवार— “क्या आप में आए नेता भी गद्दार?”
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व पंजाब के मुख्यमंत्री मान द्वारा हाल ही में दिए गए ‘गद्दार’ वाले बयान पर भाजपा जिला अध्यक्ष रजनीश धीमान ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि आप नेतृत्व को पहले अपने घर के भीतर झांकना चाहिए। धीमान ने कहा कि केजरीवाल व मान जिन नेताओं को ‘गद्दार’ बता रहे हैं, वही सवाल अब आम आदमी पार्टी पर भी खड़ा होता है। “क्या वे सभी नेता, जो दूसरी पार्टियों को छोड़कर आप में शामिल हुए, गद्दार हैं? अगर नहीं, तो फिर यह दोहरा मापदंड क्यों?” उन्होंने सवाल उठाया।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान खुद भी पहले दूसरी पार्टी से राजनीति में आए थे। “क्या केजरीवाल उन्हें भी गद्दार मानते हैं? अगर नहीं, तो यह बयान सिर्फ राजनीतिक हताशा और बौखलाहट का नतीजा है,” धीमान ने कहा। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि आप में लगातार बढ़ रही अंदरूनी कलह और नेताओं के इस्तीफों से पार्टी अस्थिर हो चुकी है, जिसके चलते अब नेतृत्व इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति को ‘गद्दारी’ कहना सही नहीं है और यह स्वस्थ राजनीति के खिलाफ है।
धीमान ने कहा कि आप को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी अपनी पार्टी में शामिल हुए नेताओं के लिए उसका क्या मानदंड है। “अगर पार्टी बदलना गद्दारी है, तो फिर यह नियम सब पर समान रूप से लागू होना चाहिए,” उन्होंने जोड़ा।
उन्होंने कहा कि आप के संगठन महामंत्री तक का पार्टी छोड़ना इस बात का प्रमाण है कि पार्टी के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है। “संस्थापक सदस्य तक पार्टी से किनारा कर रहे हैं, इससे साफ है कि अंदरूनी हालात सामान्य नहीं हैं,” उन्होंने कहा । भाजपा नेता ने आप कार्यकर्ताओं द्वारा राज्यसभा सदस्य राजिंदर गुप्ता के निवास के बाहर किए गए कथित हंगामे की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे हताशा की राजनीति बताते हुए कहा कि अपनी विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने के बजाय पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए। धीमान ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि के घर के बाहर तोड़फोड़ और पुतला दहन जैसी घटनाएं राजनीतिक संस्कृति में गिरावट को दर्शाती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि उनमें नैतिकता बची है तो उन्हें विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना चाहिए। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जो विधायक अन्य दलों से आप में शामिल हुए हैं, क्या उन्हें भी ‘गद्दार’ कहा जाएगा। धीमान ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में भ्रष्टाचार किया और पंजाब में भी हालात संतोषजनक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी अच्छे नेतृत्व को विकसित करने में विफल रही है और “सही लोग गलत पार्टी में थे।” बैठक में भाजपा जिला महामंत्री यशपाल जनोत्रा, उपाध्यक्ष महेश शर्मा, डॉ. निर्मल नय्यर, नवल जैन, प्रेस सचिव डॉ. सतीश कुमार तथा सोशल मीडिया सचिव राजन पांधे और सौरव कपूर सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।