वायरल वीडियो से शुरू हुआ मिशन, गरीब परिवार तक पहुंचकर राशन, इलाज और रोजगार की सहायता; नशा मुक्ति के लिए नई सोच से जीते लोगों के दिल
खन्ना/लुधियाना
दिनेश मौदगिल
पंजाब में नशों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच खन्ना पुलिस ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने न केवल लोगों के दिल जीते हैं, बल्कि पुलिस की छवि को भी एक नए रूप में सामने लाया है। एसएसपी खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया की यह अनोखी पहल आज पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक युवती नशे की हालत में नजर आ रही थी।
बताया जा रहा था कि यह युवती खन्ना क्षेत्र की है और नशे की लत में फंस चुकी है। जैसे ही यह वीडियो एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के संज्ञान में आया, उन्होंने इसे केवल एक केस नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में लिया। एसएसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्पेशल ब्रांच, सिटी थाना-1, सिटी थाना-2 और सदर थाना की अलग-अलग टीमें बनाकर युवती और उसके परिवार को तलाशने का अभियान शुरू किया।
पुलिस की मेहनत रंग लाई और आखिरकार यह परिवार खन्ना के करतार नगर इलाके में ट्रेस कर लिया गया। परिवार को ढूंढने में स्पेशल ब्रांच के इंचार्ज जरनैल सिंह और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। जब एसएसपी को पता चला कि परिवार बेहद गरीबी में जीवन बिता रहा है—घर में राशन तक नहीं, रसोई के लिए गैस सिलेंडर नहीं और चाय के लिए दूध भी उपलब्ध नहीं—तो उन्होंने तुरंत मानवीय संवेदना दिखाते हुए मदद का फैसला किया।
एसएसपी खुद परिवार से मिलने पहुंचे और खत्री चेतना मंच व जज्बा सामाजिक संस्थाओं को साथ जोड़कर परिवार को एक महीने का राशन उपलब्ध करवाया, साथ ही हर महीने राशन देने का भरोसा भी दिलाया। इसके अलावा परिवार के दिव्यांग बच्चे के लिए व्हीलचेयर दी गई, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली। नशे की लत में फंसी युवती को तुरंत पटियाला के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराकर उसका मुफ्त इलाज शुरू करवाया गया।
एसएसपी ने परिवार को भरोसा दिलाया कि पुलिस और सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें नशा छोड़ने में हर संभव मदद दी जाएगी। यही नहीं, जब एसएसपी को पता चला कि परिवार के मुखिया और उनकी पत्नी के पास कोई रोजगार नहीं है, तो उन्होंने खत्री चेतना मंच के सहयोग से दोनों को एक निजी रेस्टोरेंट में नौकरी भी दिलवाई। इस कदम से परिवार को आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद जगी।
इस अनोखी पहल के बाद पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई और हर कोई पुलिस की इस पहल की सराहना कर रहा है।एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने कहा कि सिख कौम हमेशा निस्वार्थ सेवा के लिए जानी जाती है और आज जरूरत है कि सभी लोग नशों के खिलाफ इस लड़ाई में सेवा भाव से आगे आएं। उन्होंने कहा कि केवल आलोचना करने से कुछ नहीं होगा, बल्कि हर व्यक्ति को समाज के हित में योगदान देना होगा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी परिवार का सदस्य नशे की लत में फंसा है, तो उसकी जानकारी पुलिस को दें, ताकि उसका मुफ्त इलाज और पुनर्वास किया जा सके। वहीं, नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।दूसरी ओर पीड़ित परिवार की महिला रानी ने भावुक होकर बताया कि उनके बेटे और बेटी लंबे समय से नशे की गिरफ्त में थे और परिवार की हालत बेहद खराब हो गई थी। “हमारे पास राशन के लिए भी पैसे नहीं बचते थे, लेकिन आज जब एसएसपी खुद हमारे घर आए और मदद की, तो हमें नई उम्मीद मिली है।”
परिवार के बेटे ने भी आगे से नशा न करने का वादा किया।खत्री चेतना मंच के प्रमुख राजिंदर पुरी ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि एक पुलिस अधिकारी खुद ऐसे परिवारों तक पहुंचकर सेवा कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति की शुरुआत है।
इस मौके पर डीएसपी स्पेशल ब्रांच तरलोचन सिंह, डीएसपी खन्ना सब डिवीजन विनोद कुमार, स्पेशल ब्रांच इंचार्ज जरनैल सिंह और सिटी थाना-2 के प्रभारी अजीतेज कौशल भी मौजूद रहे।खन्ना पुलिस की यह पहल केवल एक परिवार की मदद नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश है कि अगर प्रशासन और समाज मिलकर काम करें तो नशे जैसी समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया की यह पहल आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।