शिकायत बॉक्स से बढ़ी लोगों की उम्मीद— गुप्त शिकायत और सुझाव देने की सुविधा
लुधियाना
दिनेश मौदगिल
आम लोगों और पुलिस के बीच भरोसा मजबूत करने के लिए खन्ना की एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने एक सराहनीय और अनोखी पहल की है। उन्होंने अपने कार्यालय के बाहर एक शिकायत बॉक्स लगाया है, जिसमें कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत या सूचना गुप्त रूप से डाल सकता है।
बॉक्स को खोलती हैं खुद एसएसपी
इस पहल का सबसे खास पहलू यह है कि इस बॉक्स को खुद एसएसपी ही खोलती हैं, ताकि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय बनी रहे और उनका विश्वास भी कायम रहे। बाक्स में शिकायत या सुझाव देने वाले नागरिक को यह बात सुनिश्चित रहे कि उनका पत्र सीधे एसएसपी के हाथों में गया है। कई बार लोग डर या संकोच के कारण पुलिस के पास खुलकर शिकायत नहीं कर पाते। खासकर नशा, अपराध या दबाव से जुड़े मामलों में लोग सामने आने से हिचकिचाते हैं। ऐसे में यह शिकायत बॉक्स उन लोगों के लिए एक सुरक्षित माध्यम बनकर सामने आया है, जहां वे बिना नाम बताए भी अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं।
सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने की इस कदम की सराहना
इस पहल के बाद लोगों में एक सकारात्मक संदेश गया है कि उनकी आवाज एसएसपी तक सीधे पहुंचेगी और उनकी पहचान सुरक्षित रहेगी। कई सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस कदम की सराहना की है। उनका मानना है कि इससे अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और लोग बिना डर के गलत गतिविधियों की जानकारी दे सकेंगे। एसएसपी डा. दर्पण आहलूवालिया द्वारा खुद शिकायत बॉक्स खोलने का निर्णय इस पहल को और भी भरोसेमंद बनाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि शिकायत किसी भी स्तर पर लीक न हो और सीधे उनके तक पहुंचे। इससे लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।
हर व्यक्ति की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है: एसएसपी
एसएसपी ने कहा कि यह पहल तभी सफल होगी जब लोग इसका सही उपयोग करें। अगर किसी के पास किसी अपराध, नशा तस्करी, अवैध गतिविधि या किसी अन्य समस्या से जुड़ी जानकारी है, तो उसे बिना डर के इस बॉक्स में डालना चाहिए। समाज की भलाई के लिए हर नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह गलत कामों के खिलाफ आवाज उठाए। अगर पुलिस विभाग में कहीं सुधार की जरूरत है तो उस बारे में भी सुझाव दिए जाएं। अच्छे सुझावों पर जरूर विचार होगा। एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया की यह पहल न सिर्फ पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाती है, बल्कि समाज को भी जागरूक करती है। यह संदेश देती है कि प्रशासन लोगों के साथ खड़ा है और हर व्यक्ति की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।