चंडीगढ़ – अपनी जायज मांगों को लेकर चंडीगढ़ में विधान सभा का घेराव करने जा रहे पंजाब के हजारों मुलाजिमों और अध्यापकों पर भगवंत मान सरकार द्वारा वाटर कैनन (जुल तोपों), लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने की घटना सामने आई है। एलीमेंट्री टीचरज़ यूनियन (ई.टी.यू.) पंजाब (रजि.) ने इस दमनकारी कार्रवाई की सख्त शब्दों में निंदा की है।
महिला दिवस पर महिला कर्मचारियों पर चलीं पानी की बौछारें
यूनियन ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार महिला दिवस मनाने का ढोंग कर रही है, वहीं दूसरी तरफ महिला मुलाजिमों पर भी पानी की बौछारें मारी गईं और आंसू गैस छोड़ी गई। इस पुलिसिया कार्रवाई में कई कर्मचारी गंभीर रूप से चोटिल हो गए। धक्का-मुक्की के दौरान कई अध्यापक नेताओं की पगड़ियां भी उतर गईं, जिसे लेकर अध्यापकों में भारी रोष है।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं पंजाब के मुलाजिम:
सी.पी.एफ.ई.यू. पंजाब, पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष कमेटी, पी.एस.एम.एस.यू. पंजाब सचिवालय जॉइंट कमेटी और सांझा मुलाजिम व पेंशनर फ्रंट के नेतृत्व में हजारों अध्यापक इन मांगों को लेकर डटे हैं:
- पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) का नोटिफिकेशन तुरंत जारी करना।
- छठे पे-कमीशन की त्रुटियां दूर करना और 2.59 गुणांक लागू करना।
- डी.ए. (DA) की बकाया किस्तें जारी करना।
- बंद किए गए ग्रामीण, बॉर्डर और दिव्यांग भत्ते बहाल करना।
- ए.सी.पी. (ACP) लागू कर अगले ग्रेड देना।
- केंद्रीय पैटर्न स्केल बंद कर पंजाब स्केल लागू करना।
- कच्चे मुलाजिमों को बिना शर्त पक्का करना।
यूनियन नेताओं ने दी तीखी प्रतिक्रिया
यूनियन नेता हरजिंदर पाल सिंह पन्नू, सतवीर सिंह रौणी, गुरिंदर सिंह घुकेवाली, हरकृष्ण सिंह मोहाली, सोहन सिंह मोगा, सुरिंदर शर्मा मोगा, दिलबाग सिंह बौडे, अवतार सिंह मान, तरसेम लाल जालंधर, अश्वनी फज्जूपुर, गुरमुख सिंह, निर्मल सिंह पक्खोके और हरचरण सिंह शाह ने सरकार के इस रवैये को ‘नादरशाही‘ करार दिया।
नेताओं ने कहा कि सरकार बातचीत के जरिए मसले हल करने की जगह डंडे के जोर पर संघर्ष को दबाना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुलाजिमों और पेंशनरों के मसले तुरंत हल नहीं किए गए, तो आने वाले समय में संघर्ष और भी उग्र होगा।