5 से 6 हजार तक नए कर्मचारी होंगे भर्ती – मंत्री अरोड़ा
खन्ना में जिला स्तरीय एमएसएमइ स्टेकहोल्डर इंटरैक्शन मीट का आयोजन
खन्ना/लुधियाना
दिनेश मौदगिल
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा खन्ना के एक होटल में जिला स्तरीय एमएसएमइ स्टेकहोल्डर इंटरैक्शन मीट का आयोजन किया गया। इसमें पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, स्थानीय निकाय और बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा विशेष रूप से पहुंचे। इस समागम में खन्ना, मंडी गोबिंदगढ़, फतेहगढ़ साहिब, दोराहा, पायल आदि शहरों से उद्योगपति शामिल हुए। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने करीब दो घंटे उद्योगपतियों से सीधी बातचीत की। पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगपतियों को आ रही समस्याएं सुनीं। इस दौरान खन्ना और मंडी गोबिंदगढ़ के उद्योगपतियों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे मंत्री संजीव अरोड़ा के सामने रखे। कई समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए मंत्री संजीव अरोड़ा ने समागम में शामिल विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए।
अपने संबोधन के दौरान मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि मुझे आपसे मिलकर बहुत खुशी हो रही है और यह देखकर भी अच्छा लग रहा है कि आप अपने मुद्दे खुद उठा रहे हैं। यह एक अच्छी निशानी है कि जब इंडस्ट्री चलती, बढ़ती और फलती-फूलती है, तभी मुद्दे सामने आते हैं। उन्होंने बताया कि मंडी गोबिंदगढ़ में 2100 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जो सरकार की अच्छी व्यापार नीति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में पंजाब में ऐतिहासिक रूप से सबसे ज्यादा निवेश हुआ है और इसके साथ करीब 1.35 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने आगे कहा कि नई औद्योगिक नीति 2026 को बहुत प्रोग्रेसिव बनाया गया है, जिसकी दूसरी राज्यों द्वारा भी सराहना की जा रही है। पहले हमारे राज्य के उद्योगपति कहते थे कि दूसरे राज्यों जैसी नीति लाकर लाओ, अब महाराष्ट्र, गुजरात जैसे राज्यों के उद्योगपतियों की नजरें पंजाब की नीति पर हैं। हमारी नीति को फॉलो कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि 2026-27 के लिए रखे गए 75 हजार करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को न सिर्फ पूरा किया जाएगा, बल्कि इससे ज्यादा निवेश भी होगा। उन्होंने बताया कि नई नीति में किसी भी सेक्टर को नजरअंदाज नहीं किया गया है और लगभग 20 प्रकार के इंसेंटिव दिए गए हैं। उद्योगपति अपनी जरूरत के अनुसार इनका लाभ ले सकते हैं।
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने प्रदूषण और फ्यूल नीति के बारे में बात करते हुए कहा कि यह मामला केवल उद्योग विभाग का नहीं, बल्कि एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट से भी जुड़ा हुआ है। सरकार द्वारा आइआइटी से अध्ययन करवाया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर अगला फैसला लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उद्योगों की मदद कर रही है, लेकिन साथ ही पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। कैबिनेट मंत्री ने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर प्रकार से उनके साथ है। जिस तरह पहले मान सरकार ने उद्योगों को बचाने के लिए हर मोर्चे पर आकर मदद की है, उसी तरह आगे भी जारी रहेगी।
पंजाब में सरप्लस बिजली का दावा करते हुए मंत्री संजीव अरोड़ा बोले कि पंजाब पावर सरप्लस राज्य है और उद्योगों को पूरी सप्लाई दी जा रही है। बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए 5000 से 6000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पंजाब में एक मिनट का भी बिजली कट नहीं लगेगा। इसके साथ ही मंत्री ने उद्योगपतियों से अधिक से अधिक सोलर प्रोजेक्ट लगाने की अपील करते हुए कहा कि अब उन्हें लोड से 25 प्रतिशत ज्यादा तक का सोलर प्रोजेक्ट लगाने की मंजूरी है। उन्होंने आगे कहा कि बहुत जल्द पावरकॉम नई भर्ती करेगा, 5 से 6 हजार तक नए कर्मचारी भर्ती होंगे, जिनमें जेई, लाइनमैन, सहायक लाइनमैन आदि शामिल होंगे।
इंटरैक्शन मीट के दौरान उद्योगपतियों की कई समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। सबसे बड़ी समस्या मंडी गोबिंदगढ़ में गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट अधूरा होने की सामने आई, तो मौके पर मौजूद फतेहगढ़ साहिब के डिप्टी कमिश्नर डॉ. सोना थिंद को मंत्री संजीव अरोड़ा द्वारा निर्देश दिए गए कि तुरंत संबंधित कंपनी के साथ मीटिंग करके प्रोजेक्ट पूरा कराया जाए और उद्योगपतियों की हर इकाई तक गैस की सप्लाई सुनिश्चित की जाए।
कोयले के उपयोग की मंजूरी की मांग पर मंत्री अरोड़ा ने भरोसा दिया कि पंजाब सरकार जहां तक अपने अधिकारों का उपयोग कर सकती है, वहां तक पूरी मदद करेगी। इस केस को एनजीटी के सामने रखा जाएगा और समस्या हल कराने की पूरी कोशिश रहेगी। उद्योगपतियों ने यह मांग भी रखी कि प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की तरह जिला उद्योग दफ्तर लुधियाना की बजाय मंडी गोबिंदगढ़ से जोड़ा जाए, जिसे मंत्री संजीव अरोड़ा ने तुरंत स्वीकार करते हुए संबंधित अधिकारियों को उचित कदम उठाने को कहा। ईएसआई अस्पतालों में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की कमी के मुद्दे पर मंत्री अरोड़ा ने भरोसा दिया कि पंजाब सरकार से संबंधित स्टाफ की तैनाती जल्द करवा दी जाएगी और जो मुद्दे केंद्र सरकार से संबंधित हैं, उसके बारे में केंद्र को लिखा जाएगा। इसके अलावा उद्योगपतियों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। गैस की कमी दूर करने के लिए संबंधित डिप्टी कमिश्नर को निर्देश दिए गए कि 5 किलो वाले सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं।
मीडिया से बातचीत करते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि पंजाब निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा स्थानों में से एक के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि जेएसडब्लयू ग्रुप और मित्तल ग्रुप समेत प्रमुख औद्योगिक समूहों द्वारा क्रमशः 3,000 करोड़ और 2,600 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई है। मंत्री अरोड़ा ने घोषणा की कि पंजाब सरकार एक महीने के अंदर एक नई इंडस्ट्रियल पार्क नीति लागू करने जा रही है, जिसके तहत राज्य में कम से कम 25 एकड़ में फैले बड़े इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगपति और रियल एस्टेट डेवलपर संयुक्त रूप से इन पार्कों के विकास में शामिल होंगे, जबकि निवेशक इन प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए रजिस्टर करके सभी जरूरी मंजूरियां प्राप्त करेंगे। इस नीति को क्रांतिकारी कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि इन नए पार्कों में शिफ्ट होने वाले उद्योगों को बड़े प्रोत्साहन मिलेंगे। जीरो लिक्विड डिस्चार्ज मानदंड अपनाने वाले मौजूदा उद्योग 10 करोड़ रुपये तक के प्रोत्साहन के योग्य होंगे, जबकि नए उद्योगों को 100 प्रतिशत प्रोत्साहन मिलेगा। इसी तरह धान की पराली के बायलर प्लांट स्थापित करने वाले उद्योगों को 7.5 करोड़ रुपये तक के प्रोत्साहन मिलेंगे।
कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब ग्रीन एनर्जी उत्पादन में एक बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले पांच सालों में अपनी 85 प्रतिशत बिजली सोलर ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज सिस्टम जैसे ग्रीन स्रोतों से पैदा करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने आगे कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने और पंजाब को स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में अग्रणी राज्य बनाने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की जा रही है। मंत्री अरोड़ा ने आगे कहा कि कैबिनेट द्वारा एक नई संचालन एवं प्रबंधन नीति को पहले ही मंजूरी दे दी गई है, जिसके तहत उद्योगपति खुद मेंटेनेंस के खर्चे इकट्ठा करेंगे और फंडों का उपयोग फोकल पॉइंटों और औद्योगिक केंद्रों की देखभाल के लिए करेंगे।
इस मौके पर प्रशासनिक सचिव उद्योग एवं वाणिज्य विभाग पंजाब गुरकीरत किरपाल सिंह ने पीपीटी के माध्यम से पंजाब सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस दौरान डिप्टी कमिश्नर फतेहगढ़ साहिब सोना थिंद, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर खन्ना जसनप्रीत कौर, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) फतेहगढ़ साहिब पूजा सियाल गरेवाल, उप मंडल मजिस्ट्रेट खन्ना स्वाती तिवाणा और विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
वहीं दूसरी ओर ऑल इंडिया स्टील री-रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद वशिष्ठ और अन्य उद्योगपतियों ने कहा कि पहली बार हुआ है कि सरकार के मंत्री खुद हमारे बीच आकर हमारी समस्याएं सुन रहे हैं बल्कि इनका समाधान भी कर रहे हैं। हमें बड़ी खुशी हुई कि उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा हमारे इलाके में आकर समस्याएं हल करके गए। हमें पूरी उम्मीद है कि जो मंत्री अरोड़ा ने हमें सारे मुद्दे हल करने का भरोसा दिया है, उस पर वह खरा उतरेंगे और सरकार की नई नीति के अनुसार पंजाब की इंडस्ट्री भारत में नंबर वन बनकर उभरेगी।