लुधियाना : यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉज़, पंजाब यूनिवर्सिटी रीजनल सेंटर, लुधियाना द्वारा आयोजित छठी राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता 18 मार्च 2026 को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई, जो तीन दिनों तक चली कानूनी बहसों और उत्कृष्ट वकालत का परिणाम रही।
तीसरे दिन की शुरुआत सेमी-फाइनल राउंड से हुई, जहाँ प्रतिभागियों ने कानूनी सिद्धांतों पर अपनी मजबूत पकड़ और प्रभावशाली वकालत का प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतियोगिता फाइनल राउंड में पहुँची, जहाँ शीर्ष दो टीमों — TC 610 और TC 601 — ने न्यायाधीशों के एक विशिष्ट पैनल के समक्ष अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं।

फाइनल राउंड में मुख्य अतिथि के रूप में जस्टिस एम. एस. चौहान (पूर्व न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़), प्रो. (डॉ.) दीपक कुमार चौहान (डीन, स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज़, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब, बठिंडा) तथा प्रो. (डॉ.) रूना मेहता ठाकुर (हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला) उपस्थित रहे।

उन्होंने प्रतिभागियों की दलीलों की स्पष्टता, संयम और कानूनी सिद्धांतों पर उनकी पकड़ की प्रशंसा की। दोनों टीमों ने असाधारण स्पष्टता, गहन शोध और उत्कृष्ट अदालती व्यवहार का प्रदर्शन किया, जिससे यह दौर अत्यंत रोचक और बौद्धिक रूप से प्रेरणादायक बन गया।
कार्यक्रम का समापन एक भव्य समारोह के साथ हुआ, जिसमें नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज़ यूनिवर्सिटी, गांधीनगर (गुजरात) की विजेता टीम —
एस. फणितव्या सौम्या लक्ष्मी, आदित्य राजू कुरुप और जाह्नवी गुटला — तथा दामोदरम संजीवय नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, आंध्र प्रदेश की उपविजेता टीम —
अनघा टीके, नकुलदेव सिंह राठौर और उज्ज्वल —को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया और पुरस्कार प्रदान किए गए।
सर्वश्रेष्ठ वक्ता: एस. फणितव्या सौम्या लक्ष्मी
सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता: आर्या हूण
सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल: सृष्टि, सरशार वर्मा और हिमांशी

यह प्रतियोगिता पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ की वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) रेणु विग तथा पीयूआरसी लुधियाना के डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) आशीष विर्क के मार्गदर्शन में और डॉ. वैशाली ठाकुर (फैकल्टी कोऑर्डिनेटर) की निगरानी में मूट कोर्ट सोसाइटी (MCS) द्वारा आयोजित की गई। यह प्रतियोगिता उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई और प्रतिभागियों को वकालत का अमूल्य अनुभव प्रदान कर गई।