लुधियाना, 17 मार्च : गुरु अंगद देव वेटरनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना द्वारा पशुपालन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अग्रणी किसानों के लिए इस वर्ष के मुख्यमंत्री पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। ये पुरस्कार 20 मार्च को विश्वविद्यालय के पशुपालन मेले के दौरान प्रदान किए जाएंगे।
डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल, निदेशक प्रसार शिक्षा ने पुरस्कारों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पशुपालन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए पंजाब के सभी किसानों से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। प्राप्त आवेदनों की प्रारंभिक जांच के बाद विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की टीम ने विभिन्न फार्मों का दौरा किया और पशुपालकों द्वारा अपनाई गई नवीन तथा स्वयं विकसित तकनीकों का बारीकी से निरीक्षण करने के उपरांत विजेताओं का चयन किया।
भैंस पालन श्रेणी में यह पुरस्कार श्री फतेह सिंह, पुत्र श्री करतार सिंह, जिला साहिबजादा अजीत सिंह नगर को दिया जाएगा। वर्तमान में उनके पास लगभग 300 पशु हैं, जिनमें से 85 दुग्ध देने वाली भैंसें प्रतिदिन लगभग 5 क्विंटल दूध का उत्पादन कर रही हैं। वे सीधे उपभोक्ताओं को दूध बेचते हैं तथा इसके साथ पनीर, खोया और घी भी तैयार करते हैं।
बकरी पालन के क्षेत्र में यह पुरस्कार श्री कुलदीप सिंह, पुत्र श्री सुखदयाल सिंह, जिला बरनाला को दिया जाएगा। 10+2 शिक्षित कुलदीप सिंह ने वर्ष 2023 में बकरी पालन का कार्य शुरू किया था। वर्तमान में उनके पास लगभग 50 बकरे और बकरियां हैं। उन्होंने बकरियों के प्रजनन प्रबंधन में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाया है, जिससे नस्ल सुधार और उत्पादन में वृद्धि हो रही है।
मछली पालन के क्षेत्र में यह सम्मान श्री नवजोत पाल सिंह, पुत्र श्री परमजीत सिंह, जिला फिरोजपुर को दिया जाएगा। वे पिछले छह वर्षों से वैज्ञानिक ढंग से मछली पालन का कार्य कर रहे हैं और उनके मछली फार्म की उत्पादन क्षमता लगभग 15 टन प्रति वर्ष है। वे भैंस, गाय, मुर्गियां और बकरियां भी वैज्ञानिक तरीके से पाल रहे हैं तथा पिछले कई वर्षों से पराली न जलाकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं।
सूअर पालन के क्षेत्र में यह पुरस्कार श्री गुरचरण सिंह, पुत्र श्री कुंडा सिंह, जिला मानसा को दिया जाएगा। उन्होंने वर्ष 2018 में यह व्यवसाय शुरू किया था। वर्तमान में उनके फार्म पर लगभग 400 पशु हैं और हर वर्ष 300-350 सूअरों की बिक्री की जाती है। उनके फार्म पर एक सूअरनी ने 18 बच्चों को जन्म देकर रिकॉर्ड बनाया है। सूअरों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए वे वैज्ञानिक पद्धतियों और जैविक सुरक्षा के नियमों का पूरी तरह पालन करते हैं।
डॉ. ग्रेवाल ने बताया कि इस पुरस्कार के अंतर्गत नकद राशि के साथ सम्मान पत्र, शॉल और स्मृति चिन्ह देकर विजेताओं को सम्मानित किया जाता है।