इलाके में बैठकों का दौर जारी
लुधियाना:
पंजाब के जनतक और मजदूर-कर्मचारी संगठनों, जिनमें पेंडू मजदूर यूनियन, जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी पंजाब और डेमोक्रेटिक मुलाजिम फेडरेशन शामिल हैं, द्वारा 22 मार्च को दाना मंडी, जालंधर बाईपास लुधियाना में आयोजित की जा रही रैली और प्रदर्शन में मिड-डे मील वर्कर यूनियन की वर्कर बड़ी संख्या में शामिल होंगी। इस संबंध में एक बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय नेता प्रवीण कुमारी ने जालंधर बाईपास सलेम टाबरी पार्क में की। इस अवसर पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इन कानूनों को 1 अप्रैल 2026 से पूरे भारत में लागू करने जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मौके पर डीटीएफ के रमनजीत सिंह संधू, रुपिंदरपाल सिंह गिल और एमएफ के सुखविंगर सिंह लील ने कहा कि मजदूरों द्वारा दशकों के लंबे संघर्षों और बेमिसाल कुर्बानियों से हासिल किए गए मानवाधिकारों पर डाका डालकर कॉर्पोरेट घरानों को मुनाफा पहुँचाने की तैयारी की जा चुकी है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए कानूनों के तहत 8 घंटे की जगह 12-12 घंटे काम लेना, मिड-डे मील वर्कर, आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर और अन्य वर्करों को न्यूनतम वेतन के दायरे से बाहर करना और अपने हक के लिए संघर्ष करने को आपराधिक श्रेणी में शामिल करना मजदूर वर्ग के साथ बड़ा धोखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये अधिकार सरकारों की मेहरबानी से नहीं, बल्कि लगातार लड़े गए संघर्षों के परिणाम स्वरूप मिले हैं।
नेताओं ने आगे बताया कि बिजली संशोधन बिल 2025 लागू होने से निजी कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं की मनमानी लूट की जाएगी, सरकारी बिजली बोर्ड धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा और ठेका प्रथा, कच्ची नौकरी, पेंशन सुरक्षा व यूनियन बनाने के अधिकार खतरे में पड़ जाएंगे। इसी तरह मनरेगा योजना को खत्म कर नई नीतियां लागू करने से ग्रामीण क्षेत्रों के मजदूरों के पास आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा, क्योंकि कर्ज में डूबे राज्य 60-40 के अनुपात के अनुसार यह राशि नहीं दे पाएंगे। इस अवसर पर इंदरजीत कौर, राज रानी, जसविंदर कौर, पूजा, प्रीति, बलजीत कौर, सरबजीत कौर, अनीता और सुनीता सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।