लुधियाना : पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन श्री जसवीर सिंह गढ़ी ने सोमवार को ज्ञानजोत डिवाइन स्कूल, बुड्ढेवाल (लुधियाना) में श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत को समर्पित आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की अद्वितीय शहादत को नमन करते हुए कहा कि उनकी शहादत मानवता के लिए ऐसी अनूठी मिसाल है, जिसकी तुलना पूरे विश्व में कहीं नहीं मिलती। “हिंद की चादर” के सम्मान से विभूषित गुरु साहिब ने धर्म, न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपना शीश न्यौछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि भाई सती दास जी, भाई मती दास जी और भाई दयाला जी की शहादत भी सिख इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है, जो पूरी दुनिया को सत्य और धर्म निभाने का संदेश देता है।

जसवीर सिंह गढ़ी ने जानकारी देते हुए बताया कि आज से लगभग 350 वर्ष पहले, नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के पावन शीश का संस्कार गुरुद्वारा सीस गंज साहिब में किया गया था। यह वह स्थान है जहां से सिख कौम ने शहादत और आत्मबलिदान की परंपराओं को और अधिक ऊंचाई तक पहुंचाया।
उन्होंने भाई जैता जी की महान भूमिका को याद करते हुए कहा कि वे दिल्ली से गुरु साहिब का पावन शीश कीरतपुर साहिब लेकर पहुंचे। वहां से श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज, परिवार और संगतों सहित गुरु साहिब के पावन शीश को सुसज्जित पालकी में श्री आनंदपुर साहिब लेकर आए, जहां उसका संस्कार किया गया।
चेयरमैन ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी मानवता, धर्म और भाईचारे के प्रतीक हैं। उनका बलिदान केवल सिख समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरी सृष्टि में धर्म और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए था। इसलिए नई पीढ़ी को यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि वे कितनी महान विरासत के वारिस हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुरु साहिब के जीवन के बारे में विशेष व्याख्यान, कविता पाठ, भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन, चित्रकला और धार्मिक-ऐतिहासिक पुस्तकों के माध्यम से अवगत कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य स्कूलों में भी बड़े स्तर पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए ताकि विद्यार्थियों के मन में गुरु साहिब के जीवन और त्याग की शिक्षा मजबूत हो सके।
गढ़ी ने कहा कि विद्यार्थियों में ऐसा मनोबल और जीवन दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए, जो उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील और आत्मनिर्भर नागरिक बनाए। इस अवसर पर उन्होंने सभी शिक्षकों से भी अपील की कि वे गुरु साहिब की शिक्षाओं को प्रेम और समर्पण के साथ विद्यार्थियों तक पहुंचाएं।
इस मौके पर भाई घनैया वेलफेयर एंड रिसर्च ट्रस्ट के प्रधान श्री भूपिंदर जैन और ज्ञानजोत डिवाइन स्कूल के प्रिंसिपल कुलप्रीत कौर ने मुख्य अतिथि जसवीर सिंह गढ़ी और अन्य अतिथियों का स्वागत किया और स्कूल की समृद्ध विरासत के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान संगतों ने भक्ति भाव से गुरु साहिब के उपदेशों को स्मरण किया और समाज में शांति, भाईचारे और सत्य की जीत का संदेश फैलाया।
इस अवसर पर भाई बिक्रम सिंह जी के रागी जत्थे ने मधुर कीर्तन प्रस्तुत कर संगतों को भाव-विभोर कर दिया। रागी जत्थे को चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी द्वारा सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया।
इससे पहले चेयरमैन गढ़ी ने ज्ञानजोत डिवाइन स्कूल बुड्ढेवाल के कंप्यूटर रूम, लैब, लाइब्रेरी और अन्य कक्षाओं का निरीक्षण किया और स्कूल प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों के लिए किए गए उत्कृष्ट प्रबंधों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान ‘ऑल इज वन’ सिख फाउंडेशन कनाडा द्वारा भेजे गए गुरु तेग बहादुर जी के सलोक और शब्दों से संबंधित साहित्य को जसवीर सिंह ढिल्लों द्वारा संगतों में निःशुल्क वितरित किया गया।
बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि पिछले एक वर्ष से वे पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन के रूप में पंजाब और पंजाबी समाज की सेवा कर रहे हैं। कानूनी रूप से उनकी जिम्मेदारी अनुसूचित वर्ग के लोगों की समस्याओं को दूर करना और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें यह महसूस हुआ कि हर जाति और धर्म में ऐसे लोग हैं, जिन्हें सहारा देने वाला कोई नहीं होता। उन्होंने घोषणा की कि ऐसे जरूरतमंद लोगों की मदद भी की जाएगी, चाहे वे किसी भी जाति, धर्म या राजनीतिक दल से जुड़े हों।
उन्होंने बताया कि पंजाब में लगभग सवा करोड़ दलित आबादी है, जो कुल आबादी का 36-37 प्रतिशत है। इतने बड़े वर्ग की समस्याओं का समाधान छोटे स्टाफ के लिए कठिन है, इसलिए आयोग द्वारा जिला और हल्का स्तर पर वॉलंटियर टीमें बनाई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि अगले तीन महीनों में 23 जिलों में 2500 वॉलंटियर्स नियुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि पंजाब सरकार डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलकर जनकल्याण के कार्य कर रही है, जैसे 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज, छात्रवृत्तियों का भुगतान और अन्य सुविधाएं।
उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्मदिन भी पंजाब सरकार द्वारा मनाया जाएगा और 11 अप्रैल को लुधियाना में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले महीनों में वे बाबा साहेब के जन्मदिवस से जुड़े लगभग 100 कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
इस अवसर पर डॉ. जसप्रीत सिंह बीजा, एसपी (जांच) लुधियाना देहात राजन शर्मा, भूपिंदर जैन, कुलप्रीत कौर सहित कई गणमान्य व्यक्ति, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।