लुधियाना : जिले के समस्त अध्यापक संगठनों ने मिलकर जबरन थोपे गए टैट (TET) के विरोध में पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए सरकार की अर्थी फूंकी। इस विशाल विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए धन्ना सिंह सवद्दी सपेटा, अरविंदर सिंह भंगू (DTF), जगजीत सिंह मान (GTU), जगजीत सिंह झांडे (B.Ed फ्रंट), मनोज बस्सी (मास्टर कैडर), मनराज सिंह (SSA रमसा) और राजिंदर सिंह चौहान (एसोसिएट अध्यापक यूनियन) जैसे नेताओं ने कहा कि शिक्षा क्रांति का ढिंढोरा पीटने वाली राज्य सरकार अपने अध्यापकों और सरकारी स्कूलों के साथ खड़े होने के बजाय, टैट के नाम पर शिक्षकों को मानसिक प्रताड़ना का शिकार बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति के समय योग्यता के मापदंडों को बार-बार बदलकर जिम्मेदारियों से भागना पंजाब की ‘आप’ सरकार की एक स्थाई नीति बनती दिख रही है। अध्यापकों का मानना है कि इस नीति के निर्देश केंद्र की भाजपा सरकार की नई शिक्षा नीति 2020 से लिए जा रहे हैं।

प्रदर्शनकारी नेताओं ने बताया कि पंजाब सरकार का शिक्षा विभाग 2011 से पहले नियुक्त हुए अध्यापकों पर भी जबरन टैट की शर्त थोप रहा है। इसी क्रम में, 14 सितंबर 2017 को जारी उस पत्र को रद्द कर दिया गया है जिसमें TET से छूट दी गई थी। इसके स्थान पर 7 फरवरी 2026 को नया फरमान जारी कर मास्टर कैडर की पदोन्नति के लिए TET को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके विरोध में 22 फरवरी को राज्य स्तरीय विशाल रैली के बाद शिक्षा मंत्री ने संगठनों को 27 फरवरी का समय दिया था, लेकिन सरकार बातचीत से पीछे हट गई। अब लिखित पत्र के माध्यम से दिए गए निमंत्रण से मुकरते हुए 6 मार्च का नया समय दिया गया है, जिसे अध्यापक संगठनों ने सरकार का गैर-जिम्मेदाराना और टालमटोल वाला रवैया करार दिया है।

सरकार की इस नीति के खिलाफ शिक्षकों ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए मांग की है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के विरुद्ध अपील दायर करे और विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव लाए। साथ ही, राज्य में शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति के लिए एक विशेष ‘अध्यापक हितैषी’ एक्ट बनाने की भी मांग की गई। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान धन्ना सिंह सवद्दी सपेटा, अरविंदर सिंह भंगू, जगजीत सिंह मान, जगजीत सिंह झांडे, मनोज बस्सी, मनराज सिंह, राजिंदर सिंह चौहान, सरबजीत सिंह चौकीमान, हरदेव मुल्लांपुर, कुलदीप सिंह सुनेत, गुरइकबाल सिंह धालीवाल, प्रभदयाल सिंह, बेअंत सिंह, रोहित कुमार अवस्थी, सुमन जिंदल, किरणजीत कौर और रमनदीप साहनेवाल सहित कई अन्य प्रमुख नेता उपस्थित थे।