पूर्व कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की, 2027 चुनाव में जनता से जवाब देने की बात कही
लुधियाना, 11 मार्च : पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की ‘आशिकी’ वाली बयानबाजी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा है कि सूबे के मुखिया ने अपनी गरिमा खो दी है। आशु ने कहा कि जिस मुख्यमंत्री को अपनी बेटी की उम्र की लड़कियों के सामने खड़े होकर अपनी ‘आशिकी’ के किस्से सुनाने में गर्व महसूस होता हो, उस इंसान को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने का एक मिनट भी हक नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि भगवंत मान ने सार्वजनिक मंच से जो अभद्रता दिखाई है, उसने दुनिया भर में बसे पंजाबियों को शर्मसार कर दिया है।
आशु ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब की धरती गुरुओं और शूरवीरों की है, जिन्होंने हमेशा दूसरों की बेटियों की रक्षा के लिए अपनी गर्दनें कटवाई हैं, लेकिन आज पंजाब का दुर्भाग्य है कि सत्ता एक ऐसे व्यक्ति के हाथ में है जो बेटियों को सुरक्षा का अहसास दिलाने के बजाय उनके सामने अश्लीलता परोस रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या पंजाब के लोग अपनी बहू-बेटियों को सुरक्षित महसूस करवाने के लिए ऐसी ‘आशिकी’ वाली सरकार चुनकर लाए थे?
पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब रक्षक ही भक्षक जैसी मानसिकता दिखाने लगे, तो समाज का पतन निश्चित है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब के नैतिक मूल्यों का कत्ल कर दिया है। आज पंजाब नशे और गैंगवार की आग में जल रहा है, माताओं की गोद सूनी हो रही है, लेकिन मुख्यमंत्री को इन सब दुखों से कोई सरोकार नहीं है; वे तो मंचों पर खड़े होकर लतीफेबाजी और अपने पुराने किस्से सुनाकर वाहवाही लूटने में मस्त हैं।
भारत भूषण आशु ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पंजाब की बेटियां और महिलाएं इस अपमान को कभी नहीं भूलेंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की इस ओछी और अपमानजनक सोच का हिसाब जनता 2027 की विधान सभा चुनाव में चुकता करेगी। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को घर-घर तक ले जाएगी ताकि प्रदेश की जनता देख सके कि बदलाव के नाम पर कैसा ‘बेशर्म चेहरा’ सत्ता में बैठा है। आशु ने स्पष्ट किया कि पंजाब की आन-बान और शान के साथ खिलवाड़ करने वालों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाना अब पंजाबियत का पहला फर्ज बन चुका है।